इण्डियन ओवरसीज़ बैंक
    इंटरनेट बैंकिंग

 

इंटरनेट बैंकिंग सुरक्षा

हालांकि इंटरनेट बैंकिंग सुरक्षित है, परंतु यह आवश्यक है कि इसमें होने वाले जोखिमों से सचेत व सुरक्षित रहा जाए। हम इण्डियन ओवरसीज़ बैंक में मानते हैं कि सुरक्षा को सबसे अधिक महत्व देना चाहिए और वित्तीय लेन देनों के लिए फायरवाल, 128-बिट सिक्योर सॉकेट लेयर (एसएसएल) इंक्रिश्पन, वेरीसाइन डिजीटल प्रमाणपत्र, प्रमाणीकरण के दो स्तरों (पासवर्ड और पिन) को नियोजित करना चाहिए। हम यह भी चाहेंगे कि हमारे ग्राहक इसमें शामिल जोखिमों से जागरूक रहें और अपनी ऑनलाइन बैंकिंग को सुरक्षित करने के लिए उपयुक्त मापदण्डों को अपनाएं। अक्सर, हमने सुना है कि धोखाधड़ी करने वाले वित्तीय संस्थाओं के नाम पर ग्राहकों को ई-मेल भेज रही हैं। ये ई-मेल वित्तीय संस्थाओं से भेजी गई दिखाई पड़ेंगी जबकि असलियत में ये धोखाधड़ी करने वालों की तरफ से होंगी। ई-मेल में वेबसाइट के इंबेडेड लिंक होते हैं जो कि वित्तीय संस्थाओं की वेबसाइट जैसे ही होते हैं और यह ग्राहकों की गोपनीय सूचनाओं जैसे कि लॉग-इन आइडी, पासवर्ड, पिन आदि का अनुरोध करती है। ऐसी धोखाधड़ी वाली ई-मेल से बचें। बैंक कभी भी ई-मेल या किसी अन्य तरीके से आपके इंटरनेट बैंकिंग के एटीएम, डेबिट, क्रेडिट कार्ड के पासवर्ड या पिन नहीं पूछेगा। यदि आप ऐसी कोई ई-मेल प्राप्त करते हैं जिसमें आपके सुरक्षा ब्योरे पूछे जा रहे हों, उन पर प्रतिक्रिया न दें। ई-मेल के अंदर दिए गए हाइपर लिंक पर कभी भी क्लिक न करें। बैंक कभी भी हाइपर लिंक पर क्लिक करने वाली ई-मेल नहीं भेजेगी। यदि आप ऐसी ई-मेल प्राप्त करते हैं तो कृपया ऐसी ई-मेल हमें cppd@iobnet.co.in पर प्रेषित करें। इससे हमें धोखाधड़ी करने वालों की जाँच करने में सहायता मिलेगी।

आप कुछ सावधानियाँ बरत सकते हैं। :

  • • स्पैम ई-मेल से सावधान रहें जिसमें वायरस हो सकता है या धोखाधड़ी वाली वेबसाइट का लिंक हो सकता है जो कि बैंक की वेबसाइट जैसा ही बनाया जाया है। जिसके पीछे आपका गोपनीय डाटा जैसे कि लॉग-इन आइडी, पासवर्ड, पिन प्राप्त करने की मंशा हो सकती हैं।

  • आइडी, पासवर्ड और पिन जैसे व्यक्तिगत ब्योरों को गोपनीय रखें। लगातार पासवर्ड और पिन बदलते रहें। इन्हें किसी को न बताएं यहाँ तक कि बैंक के कर्मचारियों को भी नहीं

  • अपने पासवर्ड के लिए वर्णमाला और संख्याओं का सम्मिश्रण का प्रयोग करें।

  • खातों की नियमित रूप से जाँच करें।

  • खातों के प्रिंट आउट का ध्यान दें। उन्हें इधर उधर पड़ा न रहने दें।

  • • हमेशा उचित प्रकार से लॉग-इन और लॉग-आउट करें। जब आपने लॉग-इन किया है तो कभी भी कंप्यूटर को ऐसे ही बिना प्रयोग के न छोड़ें।

  • ब्राउज़र में वेब-साइट एड्रेस जाँचें। यह बैंक का होना चाहिए (http://www.iobnet.co.in)। यह जाँच बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि एक जैसे नाम की बहुत सी साइट्स हो सकती हैं, जो प्रयोक्ता की आइडी और पासवर्ड ले सकती हैं।

  • • लाग इन लिंक क्लिक करने के बाद जाँच करें कि एड्रेस https:// से शुरू होता है अथवा नहीं ।

  • हमेशा नीचे की ओर स्टेटस बार में पैडलॉक प्रतीक को जाँचते रहें। यह दर्शाता है कि कनेक्शन सुरक्षित है।

  • स पर क्लिक करने से आप सुनिश्चित हो जाएंगे कि आप इण्डियन ओवरसीज़ बैंक की वेबसाइट से जुड़े हैं।

  • बेहतर है कि साझे पीसी से इंटरनेट बैंकिंग का प्रयोग न करें (उदाहरण: साइबर कैफे)। आप आपकी जानकारी के बिना पीसी में चलने वाले कुछ प्रोग्रामों द्वारा आपके कीस्ट्रोक (लॉग-इन आइडी और पासवर्ड सहित) को पकड़ने के जोखिम में फँस सकते हैं

  • लॉग-इन करने के तुरंत बाद आपको दिखने वाले अंतिम लॉग-इन सूचना का प्रतिपरीक्षण करें।

  • अधिक सावधानी के लिए व्यक्तिगत फायरवाल सॉफ्टवेयर खरीदने पर विचार करें।

  • व्यक्तिगत कंप्यूटर में चलने वाले एण्टी-वायरस / एण्टी-स्पाईवेयर का अद्यतन करें।

  • ऑपरेटिंग सिस्टम व ब्राउज़र के लिए नवीनतम सॉफ्टवेयर संस्थापित करें। आप द्वारा प्रयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर के विक्रेताओं द्वारा जारी नवीनतम सुरक्षा बुलेटिनों से सावधान रहें।